“ आज के इस काल में , काल के कपाल में अगड़ा कौन , है पिछड़ा कौन हम तो हैं भारत मां की संतान क्या है कोई इससे अनजान ? टटोल जरा सा अपने मन को फिर क्यों डोल रहा है इंसान स्वार्थ के झूठे लालच में और जाति-धर्म के आंचल में क्यूं कर रहा सब का नुकसान अरे सावधान ! इन चोरों से , बेईमानों से , इस राष्ट्र के गद्दारों से बतला रहे , जो भों-भों से अगड़ा कौन , है पिछड़ा कौन ।। ”
किसी व्यक्ति से स्वयं की तुलना करना स्वयं के हृदय पर आघात करने जैसा है । अतः कभी भी किसी को देख कर उससे अपनी तुलना नहीं करनी चाहिए , चाहे वह आप से श्रेष्ठ हो या हीन हो । अपने आपमें हमेशा यह महसूस करना चाहिए कि हम जैसे भी हैं एकदम परफेक्ट है । अपने आप को हमेशा सुबह - शाम - दोपहर , सुबह उठते समय , रात को सोते समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाले, मनोबल बढ़ाने वाले , उर्जा बढ़ाने वाले विचारों से स्नान कराते रहना चाहिए और एक बात किसी भी प्रकार का संकोच पुरुषों को शोभा नहीं देता , अतः इसका त्याग करो।
हम सभी को दो आवाजें सुनाई देती हैं एक जो खुद के अंदर से आती है और दूसरी जो बाहरी व्यक्ति आपके बारे में कहते हैं । यदि बाहरी व्यक्ति की आवाज आप को अपेक्षाकृत तेज सुनाई दे रही है , तो समझ जाइए कि आपका खुद पर भरोसा कम है । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमेशा खुद से सकारात्मक बातें करते रहना चाहिए। यदि खुद से नकारात्मक बातें करेंगे जैसे ; मैं टाइम पर काम नहीं कर पाता ! मैं सुबह जल्दी नहीं उठ पाता हूं ! या मैं आलसी हूं ! तो यह खुद के आत्मविश्वास पर असर डालेगा । जिसके कारण जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। खुद को प्रोत्साहित करने की आदत भी डालें। इस बात का यकीन रखें कि आपमें , अपनी पसंद का काम करने की बहुत ही क्षमता है ।
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