“ आज के इस काल में , काल के कपाल में अगड़ा कौन , है पिछड़ा कौन हम तो हैं भारत मां की संतान क्या है कोई इससे अनजान ? टटोल जरा सा अपने मन को फिर क्यों डोल रहा है इंसान स्वार्थ के झूठे लालच में और जाति-धर्म के आंचल में क्यूं कर रहा सब का नुकसान अरे सावधान ! इन चोरों से , बेईमानों से , इस राष्ट्र के गद्दारों से बतला रहे , जो भों-भों से अगड़ा कौन , है पिछड़ा कौन ।। ”
हम सभी को दो आवाजें सुनाई देती हैं एक जो खुद के अंदर से आती है और दूसरी जो बाहरी व्यक्ति आपके बारे में कहते हैं । यदि बाहरी व्यक्ति की आवाज आप को अपेक्षाकृत तेज सुनाई दे रही है , तो समझ जाइए कि आपका खुद पर भरोसा कम है । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमेशा खुद से सकारात्मक बातें करते रहना चाहिए। यदि खुद से नकारात्मक बातें करेंगे जैसे ; मैं टाइम पर काम नहीं कर पाता ! मैं सुबह जल्दी नहीं उठ पाता हूं ! या मैं आलसी हूं ! तो यह खुद के आत्मविश्वास पर असर डालेगा । जिसके कारण जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। खुद को प्रोत्साहित करने की आदत भी डालें। इस बात का यकीन रखें कि आपमें , अपनी पसंद का काम करने की बहुत ही क्षमता है ।
नमस्कार दोस्तों !! चाणक्य , चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन में प्रधानमन्त्री थे। इनके कारण ही चन्द्रगुप्त मौर्य मगध की गद्दी को जीतने में सफल हुऐ थे। आईये जानते हैं उनके कुछ अनमोल विचार…… 1• " सबसे बड़ा गुरु मंत्र , अपने राज किसी को भी मत बताओ। ये तुम्हे खत्म कर देगा। " 2• " आदमी अपने जन्म से नहीं अपने कर्मों से महान होता है।" 3• " पुस्तकें एक मुर्ख आदमी के लिए वैसे ही हैं , जैसे एक अंधे के लिए आइना।" 4• " शत्रु की दुर्बलता जानने तक उसे अपना मित्र बनाए रखें। " 5• " आलसी का ना वर्तमान होता है , ना भविष्य। " 6• " कठोर वाणी अग्नि दाह से भी अधिक तीव्र दुःख पहुँचाती है। " 7• " अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता ना करें। " 8• " जिसकी आत्मा संयमित होती है , वही आत्मविजयी होता है। " 9• " धूर्त व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं। " 10• " दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं। ...
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