हम सभी को दो आवाजें सुनाई देती हैं एक जो खुद के अंदर से आती है और दूसरी जो बाहरी व्यक्ति आपके बारे में कहते हैं । यदि बाहरी व्यक्ति की आवाज आप को अपेक्षाकृत तेज सुनाई दे रही है , तो समझ जाइए कि आपका खुद पर भरोसा कम है । सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमेशा खुद से सकारात्मक बातें करते रहना चाहिए। यदि खुद से नकारात्मक बातें करेंगे जैसे ; मैं टाइम पर काम नहीं कर पाता ! मैं सुबह जल्दी नहीं उठ पाता हूं ! या मैं आलसी हूं ! तो यह खुद के आत्मविश्वास पर असर डालेगा । जिसके कारण जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। खुद को प्रोत्साहित करने की आदत भी डालें। इस बात का यकीन रखें कि आपमें , अपनी पसंद का काम करने की बहुत ही क्षमता है ।
“ आज के इस काल में , काल के कपाल में अगड़ा कौन , है पिछड़ा कौन हम तो हैं भारत मां की संतान क्या है कोई इससे अनजान ? टटोल जरा सा अपने मन को फिर क्यों डोल रहा है इंसान स्वार्थ के झूठे लालच में और जाति-धर्म के आंचल में क्यूं कर रहा सब का नुकसान अरे सावधान ! इन चोरों से , बेईमानों से , इस राष्ट्र के गद्दारों से बतला रहे , जो भों-भों से अगड़ा कौन , है पिछड़ा कौन ।। ”
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