चाणक्य के अनमोल वचन
नमस्कार दोस्तों !! चाणक्य , चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन में प्रधानमन्त्री थे। इनके कारण ही चन्द्रगुप्त मौर्य मगध की गद्दी को जीतने में सफल हुऐ थे। आईये जानते हैं उनके कुछ अनमोल विचार…… 1• " सबसे बड़ा गुरु मंत्र , अपने राज किसी को भी मत बताओ। ये तुम्हे खत्म कर देगा। " 2• " आदमी अपने जन्म से नहीं अपने कर्मों से महान होता है।" 3• " पुस्तकें एक मुर्ख आदमी के लिए वैसे ही हैं , जैसे एक अंधे के लिए आइना।" 4• " शत्रु की दुर्बलता जानने तक उसे अपना मित्र बनाए रखें। " 5• " आलसी का ना वर्तमान होता है , ना भविष्य। " 6• " कठोर वाणी अग्नि दाह से भी अधिक तीव्र दुःख पहुँचाती है। " 7• " अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता ना करें। " 8• " जिसकी आत्मा संयमित होती है , वही आत्मविजयी होता है। " 9• " धूर्त व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं। " 10• " दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं। ...