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Showing posts from September, 2019

काम के दबाव से कैसे बचें

      मेंरे  मित्र कुमार आनंद एक बैंक में क्लर्क हैं। वो कहते हैं कि उनके साथ काम करने वाले कई साथी कर्मचारी ऐसे हैं जो अपना काम बड़े ही शांत ढंग से करते हैं जबकि कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं जो काम का दबाव थोडा सा भी बढने पर सबसे अजीब रूखा व्यवहार करते हैं। दोस्तों !  काम का दायरा बढने पर मानसिक दबाव का होना तो स्वाभाविक है। लेकिन इस दबाव का बढ़ना या कम होना हमारी कार्यशैली पर निर्भर करती है।  हम इस प्रकार के दबाव की स्थिति से निपट सकते हैं ……… जीवन में संतुलन होना है जरूरी : अपने पारिवारिक जीवन और कामकाजी जीवन के बीच एक संतुलन बनाऐ रखने का प्रयास करना चाहिऐ। जिस प्रकार कार्यस्थल पर अपने काम का महत्व देते हैं उसी प्रकार घर पर परिवार के साथ भी समय गुजारना भी महत्वपूर्ण है। ऐसा न हो कि आप कामकाज के दबाव के कारण अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों के प्रति लापरवाह हो जाऐं। इन दोनों के बीच संतुलन न होने के कारण व्यक्ति का  stress और भी बढ जाता है। समस्या का समाधान करना : कभी न कभी कार्यस्थल पर ऐसी स्थितियां आ जाती हैं  जिससे काम का बोझ बहुत अ...

एमडीटी खाओ - कुष्ठ भगाओ

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आज हमारे दैनिक समाचार पत्र के साथ-साथ एक सरकारी विज्ञापन का पन्ना भी मिला । जोकि राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बलिया से संबंधित था । मुझे लगा कि आप लोगों के साथ इसे अपने इस पेज पर साझा करना चाहिए । कुष्ठ रोग क्या है ? • यह एक जीवाणु  माइकोबैक्टेरियम लैप्री  द्वारा फैलता है । • यह वंशानुगत तथा पिछले जन्म के पापों का प्रतिफल नहीं है । • कुष्ठ रोग 98% संक्रमित रोगियों के खांसने व छींकने से निकलने वाले कीटाणुओं के नए व्यक्ति के शरीर में प्रवेश करने से फैलता है । • कुष्ठ रोग मात्र 2% संक्रमित रोगी के साथ लंबे समय तक त्वचा के संपर्क एवं संसर्ग में रहने पर फैलता है। कुष्ठ रोग के लक्षण •   शरीर पर शरीर के रंग से हल्के रंग , लाल रंग अथवा पूर्ण रूप से सुन कोई दाग धब्बा अथवा चकता पाया जाना। •  कोहनी के पीछे अथवा घुटने के पीछे वाली नस का मोटा होना अथवा मोटे होने के साथ-साथ दर्द होना। • हाथों अथवा पैरों की मांसपेशियों में अचानक कमजोरी होना। कुष्ठ रोग का उपचार • कुष्ठ रोग साध्य है , उपचार के बाद पूर्णतया ठीक हो जाता ह...

चाणक्य के अनमोल वचन

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नमस्कार दोस्तों !! चाणक्य , चन्द्रगुप्त मौर्य के शासन  में प्रधानमन्त्री थे। इनके कारण ही चन्द्रगुप्त मौर्य मगध की गद्दी को जीतने में सफल हुऐ थे। आईये जानते हैं उनके कुछ अनमोल विचार…… 1•  " सबसे बड़ा गुरु मंत्र ,  अपने राज किसी को भी मत बताओ। ये तुम्हे खत्म कर देगा। " 2•   " आदमी अपने जन्म से नहीं अपने कर्मों से महान होता है।" 3• "  पुस्तकें एक मुर्ख आदमी के लिए वैसे ही हैं , जैसे एक अंधे के लिए आइना।" 4•  "  शत्रु की दुर्बलता जानने तक उसे अपना मित्र बनाए रखें।  " 5• "  आलसी का ना वर्तमान होता है ,  ना भविष्य। " 6•  " कठोर वाणी अग्नि दाह से भी अधिक तीव्र दुःख पहुँचाती है। " 7•   " अपने से अधिक शक्तिशाली और समान बल वाले से शत्रुता ना करें। " 8•  "   जिसकी आत्मा संयमित होती है ,   वही आत्मविजयी होता है। " 9•  "  धूर्त  व्यक्ति अपने स्वार्थ के लिए दूसरों की सेवा करते हैं। " 10•  "   दंड का भय ना होने से लोग अकार्य करने लगते हैं। ...

महात्मा बुद्ध द्वारा कहा गया उपदेश

अपने पुत्र और पत्नी  को छोड़कर युवावस्था में ही सन्यास लेने वाले सिद्धार्थ , बुद्धत्व को प्राप्त करने के पश्चात् महात्मा बुद्ध कहलाये | महात्मा बुद्ध ने ही बौद्ध धर्म की स्थापना की | आज बौद्ध धर्म दुनिया के चार बड़े धर्मों में से एक है |  दोस्तों !! महात्मा बुद्ध के ऐसे उपदेश , जिन्हे अपने जीवन में अपनाने से शांति , ऊर्जा और प्रेरणा मिलती है आपसे इस लेख के माध्यम से साझा कर रहा हूँ |  1 .   हजारों लड़ाइयाँ जीतने से अच्छा है आप अपने आप पर विजय प्राप्त करो | फिर हमेशा जीत आपकी ही होगी |  [ You Win Over Yourself Is Better Than Thousands Of Battles. Then You Will Always Win . ] 2 .   बुराई से बुराई को कभी ख़त्म  नहीं किया जा सकता !  बुराई हमेशा प्रेम को समाप्त कर  देती है |  [  Evil Can Never Be Eliminated From Evil ! Evil Always Endures love .]  3 .  क्रोधित होने का मतलब है , जलता हुवा कोयला किसी दूसरे पर फेंकना |  जो सबसे पहले आप को ही जलता है |  [ Being Angry Means , Th...

गिरिराज सिंह जी ऐसी फैक्ट्री लगाएंगे जिसमें से केवल बछिया ही पैदा होगी , बछड़ा नहीं होगा

अक्सर अपने ध्यानाकर्षित बयानों के चलते सुर्ख़ियों में रहने वाले गिरिराज सिंह जी , जो वर्तमान में केंद्रीय पशु पालन मंत्री हैं , उन्होंने एक कार्यक्रम में फिर एक ऐसा ही बया...